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जम्मू-कश्मीर में नए लहसुन की आवक, लहसुन बाजार में तेजी, भाव 3500 से 10000 तक

जम्मू – कश्मीर का नया गुलाबी लहसुन

रतलाम 18 जून (मोतीलाल बाफना) । हिमाचल प्रदेश के बाद जम्मू एण्ड कश्मीर में नए लहसुन में खेतों से निकलना एवं मार्केट में बिक्री आना प्रारम्भ हो गया है । शुरूआत में नए लहसुन का भाव गील माल जो गुलाबी कलर का मोटी कली का आता है वह माल जून माह के प्रथम में 3500 से 4000 तक के आसपास बिक गया था वह अब 5000 से 6000 रू. प्रति क्विंटल के आसपास व्यापार होने की चर्चा है । वैसे कश्मीर के कई इलाकों में नया लहसुन की पैदावार होती है । अनंतनाग, सोफियो सहित कई जिलों और तहसीलों में लहसुन की पैदावार अच्छी होती है और विगत कुछ वर्षो से लहसुन के अच्छे भाव मिलने के कारण वहां के उत्पादक कृषक लहसुन की पैदावार के प्रति आकर्षित हुए है । लहसुन पैदावारी इलाके पाकिस्तान से सटै इलाके माने जाते है । जहां तक वहां पर लहसुन क्षैत्र के जानकार व्यापारियों ने एक चर्चा में बताया गया कि जम्मू एण्ड कश्मीर में 200 गाड़ी से ज्यादा लहसुन की पैदावारी होकर माल बिक्री को मार्केटो में आता है जो वहां के लोकल व्यापारी गांवों से खरीदकर फिर बाद में थोक व्यापारियों को माल बेचकर इनके द्वारा उक्त माल देश के अन्य भागों के व्यापारी तमिलनाडु, गुजरात, हिमाचल प्रदेश आदि राज्यों में माल बिक्री होता है। यहां का गुलाबी माल तमिलनाडु के वडूगापट्टी, कोयम्बटूर आदि के अलावा गुजरात के गोंडल आदि क्षैत्रों के व्यापारी माल खरीदकर स्टाक कर कुछ माह बाद माल को बेचते है । हिमाचल प्रदेश के व्यापारी उक्त माल को भी खरीदकर स्टाक कर हिमाचल प्रदेश में बीज के टाईम वहां के उत्पादकों को लहसुन उत्पादन हेतु बिक्री करते है ऐसी चर्चा है । अभी अनंतनाग जिले से कुछ माल गुजरात एवं तमिलनाडु के वडूगापट्टी के लहसुन के थोक व्यापारी उस माल को खरीददारी में सक्रिय होने की चर्चा है । आज मध्यप्रदेश की मंडियों में लहसुन में सुधार का रूख रहने की चर्चा है । एक-दो मंडियों में एक-दो लाड जो कार्टून में भरकर साफ कर करके सुपर बड़ा माल लाया जाता है उसे ऊंचे भावों में माल बिक्री करवाकर भाव छापे जाते है । वैसे पिछले दिनों मध्यप्रदेश की मंडियों में 24000 से 25000 तक एवं नीचे में 13000 से 18000 तक प्रति क्विंटल तक लहसुन बिक्री हो चुका है । लेकिन वह माल थोड़ी माल में ही होता है ऐसी चर्चा है । वैसे जनरल भाव क्वालिटी अनुसार 3500 से 8000 तक माने जा रहे है । वैसे आज लहसुन बाजार में 200 से 500 रू प्रति क्विंटल तक सुधार रहने की चर्चा है । मध्यप्रदेश लहसन बिक्री मंडी ंिछंदवाड़ा (नागपुर) नीमच, पिपल्यामंडी, मंदसौर, दलौदा, जावरा, सैलाना, उज्जैन, इंदौर, बदनावर, बडऩगर, पिपलौदा, बड़ावदा, सिहोर, नरसिंहगढ़, व्यावरा, शाजापुर, सुजालपुर, आष्टा, भोपाल आदि मंडियों में लहसुन 3500 से 7000 तक जनरल एवं ऊपर में 8500 रू. प्रति क्विंटल तक मंडियों में माल बिका और दलौदा मंडी में 2 बॉक्स 13501 रू. प्रति क्विंटल तक बिके जाने की चर्चा है । बाकी माल क्वालिटी अनुसार डिमाडं मुताबिक भाव पर मंडियों में बिक्री होने की चर्चा है। पिछले दिनों इंदौर में मंडी आड़तियों द्वारा अपनी दुकानों पर किसानी लहसुन बेची जाने के विरोध में किसान यूनियन के माध्यम से मंडी प्रशासन के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया ऐसी चर्चा है । राजस्थान की लहसुन मंडी कोटा (भामाशाह अनाज मंडी एवं सब्जी मंडी), बांरा, छिपाबड़ोद, प्रतापगढ़, छोटी सादड़ी, छाबड़ा, खानपुर, झालावाड़, निम्बाहेडा आदि कुछ छोटी-बड़ी मंडियों में लहसुन बाजार 300 से 600 रू. प्रति क्विंटल के आसपास क्वालिटी अनुसार सुधार रहने की चर्चा है । क्योंकि वहां के अच्छे मालों में खरीदी अच्छी रहने की चर्चा है । वहां पर बाहर के खरीददार व्यापारियों को खरीदी पर डबल आड़त देना पड़ती है क्योंकि जो किसानी माल लाईसेंस सुदा व्यापारी खरीदते है उन्हें वहां के लोकल व्यापारियों को आड़त देते है बाद में जो उनकी व्यापारी माल बेचता है और जो बाहर का व्यापारी खरीदता है उसे अपनी आड़त अलग से देना होती है इस प्रकार खरीददार व्यापारी को डबल आड़त देना पड़ती है । इसलिए खरीदी पर 2 से 4 प्रतिशत का खर्चा अतिरिक्त आता है। हिमाचल प्रदेश के कुल्लु, बंजार, माहौर, मंडी, चेलचोक के आसपास के गांवो में, सोलन, नोराधार, हरिपुरधार, चायल, बुरी, बंसाल, ओच्छघाट, सिरमौर के हरिपुरधार, पच्छाद, शिलाई, नारग, सनौरा, राजगढ़ (गिरीपुर) आदि तरफ लहसुन के भावों में 500 से 10000 रू. प्रति क्विंटल तक सुधार होने की चर्चा है । वर्तमान में क्वालिटी अनसुार माल 4000 से 8500 रू. प्रति क्विंटल तक जनरल भाव होने की चर्चा है और कहीं-कहीं पर ऊपर में 9000 से 9500 से किसानों द्वारा भाव बोले जाने की चर्चा है।

चित्र : इंदौर में किसानों का विरोध प्रदर्शन ।