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फेरीवालों, कृषकों और महिला समूहों के आर्थिक उत्थान के लिए वृहद स्तर पर तैयारी, कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराई जाएगी

कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने बैंकर्स की बैठक ली

रतलाम । केंद्र और राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं के तहत रतलाम जिले में फेरीवालों, कृषकों और महिला समूहों के आर्थिक उत्थान के लिए वृहद स्तर पर तैयारी की जा रही है। उक्त वर्गो को रोजगार की बेहतरी एवं कामकाज को बढ़ावा देने के लिए कार्यशील पूंजी बेंको के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। यह कार्य प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन एवं किसान क्रेडिट कार्ड के तहत किया जाएगा।
रतलाम शहर तथा जिले के आलोट, जावरा, पिपलोदा, सैलाना जैसे नगरीय निकायों में पथ पर विक्रय करने वाले, फेरी लगाकर सामग्री विक्रय करने वाले, छोटे-छोटे दुकानदारों को 10 हजार रूपए तक के ऋण अत्यंत कम ब्याज पर उपलब्ध कराए जाएँगे। गरीब परिवारों की वे महिलाएं जो स्वयं सहायता समूह के रूप में एकजुट होकर अपने परिवार की तरक्की के लिए कुछ करना चाहती हैं। उन महिला समूहों को भी ऋण राशि उपलब्ध कराई जा रही है जिससे उनका जीवन स्तर ऊंचा उठ सकेगा। इसे लेकर कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में एक बैठक ली जिसमें जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक श्री राकेश गर्ग तथा विभिन्न बैंकों के जिला प्रतिनिधि उपस्थित थे।
कलेक्टर ने बैंकर्स को निर्देश दिए कि छोटे-छोटे उद्यमियों, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में अपनी महती भूमिका का निर्वाह करें। बैंक की एक छोटी सी पहल से किसी गरीब का जीवन स्तर ऊँचा उठ सकता है, बैंकर्स गरीब वर्गों के उत्थान के लिए आगे आएं। बताया गया कि रतलाम शहर में साढ़े 6 हजार से ज्यादा फेरी वालों (स्ट्रीट वेंडर्स) को पीएम स्वनिधि योजना से लाभान्वित करने का लक्ष्य है, इसके लिए पोर्टल पर उनका पंजीयन करवाया जा रहा है। उनका वेरीफिकेशन भी नगर निगम द्वारा किया जा रहा है। स्ट्रीट वेंडर्स को 10 हजार रूपए तक की कार्यशील पूंजी ऋण के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी जो बहुत कम ब्याज पर होगी। रतलाम शहर में अब तक 9 हजार 93 व्यक्तियों द्वारा पोर्टल पर पंजीयन कराया जा चुका है। इनमे से लगभग 3 हजार व्यक्तियों का वेरीफिकेशन भी किया जा चुका है। इनमे करीब 1500 व्यक्ति पात्र पाए गए है।
कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने बैंकर्स को निर्देश दिए कि महिला समूहों की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए उदारता के साथ वित्त पोषित किया जाए। महिलाओं में बचत की स्वभाविक आदत होती है, बैंकों में महिला समूहों द्वारा ऋण वापसी का रिकॉर्ड बहुत अच्छा देखने में आया है। महिला समूहों को बैंक लिंकेज एवं क्रेडिट लिंकेज किया जाना है। जिले की तीन शासकीय नर्सरियों के विकास में महिला स्वयं सहायता समूह को जोड़ा गया है, पौध बिक्री का 50 प्रतिशत लाभ महिला समूहों को मिलेगा।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि बैंक महिला समूहों के प्रकरणों की स्वीकृति में अनावश्यक देरी नहीं करें। बताया गया कि जिले में किसान क्रेडिट कार्ड पर कृषकों को कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराने के लिए भी शासन के निर्देश पर कार्य किया जा रहा है। कलेक्टर ने केसीसी पर राशि मुहैया कराने हेतु बैंकर्स को अग्रगामी पहल के निर्देश दिए। बताया गया कि दुग्ध वितरको, मछली पालन करने वाले किसानों को भी पूंजी उपलब्ध कराई जा रही है। मछली पालन विभाग ने 200 प्रकरण तैयार करके बैंक शाखाओं में प्रस्तुत किए हैं।
कोरोना से बचाव के लिए बैंक शाखाओं में सावधानी बरतने के लिए कलेक्टर ने विशेष रूप से बैंकर्स को बैठक में ताकीद की। कलेक्टर ने कहा कि बैंक शाखाओं में मास्क रखे जाएं जो व्यक्ति बैंक आने पर बगैर मास्क के दिखे उसको सशुल्क या निःशुल्क मास्क उपलब्ध कराया जाए। एटीएम पर सैनिटाइजर की उपलब्धता सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने कहा कि कोरोना एकदम से समाप्त नहीं हो रहा है इसके लिए आवश्यक सावधानियां बरती जाना बैंक शाखाओं में भी अत्यावश्यक है। फिजिकल डिस्टेंस भी रखना होगा। प्रायः शिकायत आती रहती है कि बैंकों में फिजिकल डिस्टेंस बनाए रखने का पालन नहीं किया जा रहा है।