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कृषकों को कृषि संबंधी सलाह

शाजापुर | उपसंचालक कृषि एवं परियोजना संचालक आत्मा श्री आरपीएस नायक ने बताया कि खरीफ फसलों की बोनी का कार्य लगभग पूर्णता की ओर है। जहाँ लगातार वर्षा से बोनी कार्य रूक गया था, वहाँ भी बोनी एक दो दिन में पूर्ण हो जायेगी। ऐसे में कृषकों को सलाह दी जाती है कि फसलों में जहाँ जल भराव की समस्या हो वहॉ जल निकास का प्रबंधन करें एवं फसलों में 24 घंटे से अधिक जल भराव होने से फसलों के गलने की संभावना होती है। सोयाबीन की खड़ी फसलों में टी आकार की लकड़ी 10 से 15 प्रति एकड के हिसाब से लगाये ताकि चिड़ियाँ इल्लीयों को खा सके। सोयागीन फसल में 15 एवं 30 दिन की अवस्था में डोरा चलाए एवं हाथ से निंदाई करे। निंदाई के दौरान खरपतवार को लाइनों के बीच में इस प्रकार रखें कि जड़े मिट्टी के संपर्क में न आये, जिससे मिट्टी में नमी संरक्षित होगी एवं खरपतवार से खाद बनेगी। सोयाबीन की खड़ी फसल में यूरिया का छिड़काव नहीं करें, इससे फसल की बढ़वार अधिक होती है एवं उपज कम प्राप्त होती है। खेत में कीट की प्रारंभिक अवस्था में प्रकाश प्रपंच का प्रयोग करें। इसके लिए खेत में बल्व लगाकर उसके नीचे 2 X 2 X 1 फीट का गड्डा खोदकर पानी भर दें एवं 25 मिली. मिट्टी का तेल डाल दें। सोयाबीन फसल में प्रति हेक्टेयर 8 से 10 फेरोमेन ट्रेप का उपयोग कर वयस्क कीट को नष्ट करें। ट्रायकोगामा कार्ड 10 से 12 प्रति हेक्टयर लगायें, जिससे ट्रायकोगामा एक कीट इल्ली के 100 अंडे एक दिन में नष्ट करते हैं। सोयाबीन फसल में नीम ऑयल 5 ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करने से कीट नियंत्रण होता है। सोयाबीन फसल में कीटनाशी दवाई के साथ खरपतवारनाशी दवाई मिलाकर उपयोग न करें।
जिले में टिड्डी दल का भी आगमन हो रहा है, इसके लिए दिन के समय टिड्डी दल आते ही ध्वनी विस्तारक यंत्रों से आवाज करें ढोल, थाली, खाली डब्बे आदि बजायें। रात्री के समय 7.00 बजे के बाद जिस गांव में टिड्डी दल बैठता है उसकी भी सूचना क्षेत्र के पटवारी, सचिव एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी को अवश्य दें।