खेतिहर धार्मिक रतलाम

स्वच्छता सर्वेक्षण-2021 के तहत शहरवासियों ने लिया नगर को स्वच्छ सुंदर का बनाने का संकल्प

रतलाम । स्वच्छता भक्ति से भी बढकर है। कहावत का अर्थ है कि स्वच्छता भक्ति या देवत्व के मार्ग की ओर ले जाती है। घर और अपने आसपास की पर्याप्त स्वच्छता के माध्यम से हम स्वयं को शारीरिक और मानसिक रुप से स्वच्छ रखते हुए विभिन्न बीमारियों से दूर रह सकते हैं। स्वच्छता हमें वास्तव में अच्छा, सभ्य और स्वस्थ मनुष्य बनाती है। शहर की स्वच्छता हममें शारीरिक, मानसिक और सामाजिक भलाई की भावना को भी उत्पन्न करती है और एक अच्छे व्यक्तित्व का निर्माण करने में हमारी सहायता करती है
शहर के प्राचीन त्रिवेणी तट पर भक्तों ने शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने का संकल्प लिया। इस मौके पर सफाई मित्र समूह द्वारा तैयार की गई रांगोलियों को भी सराह गया। रतलाम शहर के सैकड़ों स्थानों पर खुले में कचरा डालने वालों को रोकने के लिए नगर निगम की और से अनोखा प्रयोग किया और सैकड़ों स्थान कचरा मुक्त हुए और इन पर रांगोली के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया जा रहा है। इसके साथ ही उन सार्वजनिक स्थानों, बागीचों, खेल मैदानों आदि स्थानों पर भी स्वच्छता का संदेश दिया जाकर स्वच्छता की दौड़ में रतलाम को नम्बर-1 बनाने का आव्हान लोगों से किया जा रहा है।
नगर निगम आयुक्त श्री सोमनाथ झारिया के निर्देश व स्वास्थ्य अधिकारी एपी सिंह ने शहरवासियों से अपील की है कि वे अपने कूड़ा केवल डोर टू डोर कूड़ा ढोने वाले वाहनों में ही डाले। खुले में कचरा डालने वालों पर नगर निगम द्वारा जुर्माने की कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। नगर निगम आयुक्त सोमनाथ झारिया के निर्देशानुसार अब शहर के सार्वजनिक स्थलों पर लोगों से शहर को साफ और सुंदर बनाए रखने की अपील की जा रही है। इस दौरान गुरुवार को सफाई मित्र समूह की टीम ने आधा दर्जन स्थानों पर स्थित कचरा मुक्त स्थानों के साथ ही सार्वजनिक स्थलों पर पर रांगोली बना कर इन क्षेत्रों के रहवासियों को स्वच्छता की शपथ दिला कर दीप दान किया गया है। इस दौरान कोविड-19 महामारी के बढ़ते प्रकोप के देखते हुए लोगों से आव्हान किया गया कि जब तक कोरोना का कारगर उपचार उपलब्ध नही हो पाता है. ऐसे में हमे मास्क का उपयोग, दो गज की दूरी और हाथों को सेनेटाईज कर अपने जीवन को बचाना चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *