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जीवन में हरा भरा वातावरण और स्वच्छ पर्यावरण आज की आवश्यकता है-शरद जोशी

सांई योग साधना केन्द्र एवं योगधाम परिवार द्वारा बसंत उत्सव का आयोजन सम्पन्न

रतलाम । प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी बसंत उत्सव स्थानीय सांई योग साधना केन्द्र एवं योगधाम परिवार द्वारा बसंत उत्सव का आयोजन किया गया । कार्यक्रम में सर्वप्रथम माँ सरस्वती को माल्यार्पण एवं सांई बाबा को माल्यार्पण अतिथियों द्वारा किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष शरद जोशी ने की । कार्यक्रम के प्रारम्भ में राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा, भारत के उज्जैन संभाग अध्यक्ष मिश्रीलाल सोलंकी आयोजन की एवं बसंत उत्सव पर आधारित कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। अतिथियों का स्वागत मिश्रीलाल सोलंकी द्वारा किया गया । कार्यक्रम में अध्यक्षीय उदबोधन देते हुए शरद जोशी ने कहा कि बसंत हमें साधना की ओर ही नहीं अपितु हमें बसंत की उपयोगिता और महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा कि जीवन में हरा भरा वातावरण और स्वच्छ पर्यावरण आज की आवश्यकता है। साथ ही श्री जोशी योग की महत्ता पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि योग ही मानव जीवन को निरोग रखकर दीर्घ जीवन की और प्रेरणा स्त्रोत बनाता है। कार्यक्रम का शुभारम्भ डॉ. प्रदीप कोठारी द्वारा माँ सरस्वती वंदना से की। कार्यक्रम के अतिथि डॉ. खुशबु जांगलवा, पतंजलि जिला प्रभारी विशाल वर्मा, डॉ. प्रीति जोशी, प्रोफेसर डी.के. शर्मा एवं श्रीमती संध्या उपाध्याय के जन्मदिवस पर श्री डी.के. शर्मा ने कहा कि जीवन के अनेको बसंत हमने देखें है परन्तु हमें जीविविशा की प्रेरणा बसंत ऋतु से ही मिलती है। विशाल वर्मा ने कहा कि बसंत ऋतु की शुरूआत संक्रमण काल को विराम देगी, योग ही प्राकृतिक चिकित्सा है जिससे स्वस्थ एवं खुशहाल रहना जीवन की उपयोगिता है इसीलिए कहा है कि योग के बिना जीवन शुन्य है । डॉ. खुशबु जांगलवा ने कहा कि कला साधक एवं माँ सरस्वतीके आशीर्वाद बिना हम कुछ भी नहीं कर सकते है । इसलिए वीणा पाणी के चरणों में पुष्प अर्पित कर यही कामना करते है। प्रो. प्रीति जोशी ने माँ सरस्वतीके १२ अवतारों का उल्लेख संस्कृति के श्लोक का वाचन करते हुए प्रस्तुति दी । इस अवसर पर प्रकाश चौपड़ा ने भी सम्बोधित किया । उक्त अवसर पर नगर के वरिष्ठ रचनाकार हरिशंकर भटनागर ने जीवन की उपयोगिता पर गीत प्रस्तुत करते हुए किया। लक्ष्मण पाठक ने नई रचना के आधार पर बसंत से साक्षात्कार मालवी के गीतकार अखिलेश स्नेही शर्मा मालवी गीत की बानगी की प्रस्तुति दी । रामचन्द्र गेहलोत अम्बर ने बसंत की उपयोगिता पर रचना गीत किया। अतिथियों का स्वागत जगदीश जांगेड़, लीना व्यास, दीपा पुंजावत, प्रियंका बाफना, भंवरलाल चपड़ौद, जगदीश जांगेड़, जी.एस. रघुवंशी, मनसुख चौपड़ा, जगदीश चन्द्र शर्मा, प्रेम बैरागी आदि ने किया । कार्यक्रम का संचालन जी.एस. खिंची ने किया तथा आभार मधु बैरागी ने माना ।

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