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विधानसभा प्रश्नों के उत्तर समय सीमा में पहुंचाएं, उत्तर गलत नहीं हो-कलेक्टर श्री डाड

रतलाम । विधानसभा प्रश्नों के उत्तर समय सीमा में पहुंचाएं, उत्तर झूठे नहीं हो अन्यथा कार्रवाई की जाएगी, दंडित होंगे, विधानसभा में भी बुलवाएं जाएगा। यह निर्देश कलेक्टर श्री गोपालचंद्र डाड ने राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक में दिए। बैठक में अपर कलेक्टर श्रीमती जमुना भिड़े, जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार उपस्थित थे।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि विधानसभा प्रश्नों के उत्तर भिजवाने से पूर्व उन्हें ठीक से पढ़ लिया जाए, अधीनस्थ के भरोसे नहीं रहे। आगामी 27 फरवरी तक अपर कलेक्टर को उत्तर भिजवा दिया जाए। वरिष्ठ कार्यालयों आयोगों के पत्रों के जवाब की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि लंबित उत्तर शीघ्र डिप्टी कलेक्टर सुश्री सिराली जैन को भिजवाए जाएं। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि यदि पटवारी की शिकायत है तो उसी से जांच नहीं करवाई जाए, कम से कम राजस्व निरीक्षक स्तर के अधिकारी से जांच करवाएं।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में लंबित शिकायतों के निराकरण की समीक्षा में संतुष्टिदायक निराकरण के निर्देश कलेक्टर द्वारा दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि अधिकांश राजस्व अधिकारियों द्वारा किए जाने वाले निराकरण में संतुष्टि का स्तर ठीक नहीं रहता है, पटवारी ऑपरेटर आदि पर निर्भर नहीं रहे, स्वयं जवाब पढ़ें और पोर्टल पर फीड करवाएं। बताया गया कि राजस्व विभाग की एल 1 पर 166 शिकायतें निराकरण से लंबित है। एल 3 एल 4 पर 127 शिकायतें निराकृत किए जाना है। सभी एसडीएम को निर्देश दिए गए कि तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों से मेहनत करवाएं।
जनसुनवाई में निराकृत आवेदनों की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि 2018 से पूर्व के आवेदनों का निराकरण भी किया जाना है। तहसीलदार शहर श्रीमती अनीता चौकोटिया ने बताया कि उनके द्वारा विगत दिवस पटवारियों, राजस्व निरीक्षकों की लंबी बैठक लेकर बड़ी संख्या में आवेदनों का निराकरण कर दिया गया है। साथ ही मंगलवार को समस्त पटवारी रतलाम शहर तहसील कार्यालय पर जनसुनवाई दिवस में उपस्थित रहेंगे।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री कृषक कल्याण योजना, आरबीसी 6-4, संबल जैसी जनहितेषी योजनाओं में पीड़ित परिवारों हितग्राहियों को समय सीमा में राहत एवं लाभ राशि वितरित की जाए, कोई भी प्रकरण लंबित नहीं रहे। दुर्घटनाओं में आवश्यक कार्रवाई तथा पंचनामा बनाने के संबंध में कलेक्टर द्वारा निर्देशित किया कि पंचनामा बिल्कुल स्पष्ट हो, मृतकों, घायलों की जानकारी स्पष्ट दी जाए तथा एफआईआर की कॉपी साथ लगाई जाए। नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा के प्रकरण निराकरण की समीक्षा में कलेक्टर द्वारा निर्देशित किया गया कि आगामी 15 दिन में दोबारा समीक्षा की जाएगी। नायब तहसीलदार सुनिश्चित करें कि उनके यहां से शिकायत नहीं आए। प्रायः उनके बारे में आमजन से शिकायत आती है कि वह ठीक से काम नहीं करते हैं और सुनवाई नहीं करते हैं। बताया गया कि जावरा में नामांतरण के 324, सीमांकन के 70, पिपलोदा में नामांतरण के 393, सीमांकन के 160, सैलाना में नामांतरण के 396, सीमांकन के 57, बाजना में नामांतरण के 67, रतलाम शहर में नामांतरण के 309, सीमांकन के 415, रतलाम ग्रामीण में नामांतरण के 104, सीमांकन के 408, ताल में नामांतरण के 201 प्रकरण निपटाए से लंबित है।
राजस्व वसूली की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि वसूली में तेजी लाई जाए। रतलाम शहर में 6 करोड़ के लक्ष्य के विरुद्ध 1 करोड़ 93 लाख वसूली की गई है। तहसीलदार ने बताया कि 8-10 बड़े खातेदार चिन्हित किए गए हैं जिनसे स्वयं बात की गई है उनसे अभी और 2-3 करोड़ रुपए वसूली की जा सकेगी। राजीव गांधी सिविक सेंटर के प्रकरण में 3 करोड़ 31 लाख रुपए की वसूली है। रतलाम विकास प्राधिकरण की कालोनियों से 1 करोड़ से ऊपर की वसूली होगी। रतलाम ग्रामीण में बताया गया कि 29 लाख रूपए वसूल किए गए हैं। 11 लाख रुपए के चेक भी प्राप्त हुए हैं। जावरा तहसीलदार द्वारा बताए गए लक्ष्य एवं वसूली पर असंतोष व्यक्त करते हुए कलेक्टर ने एसडीएम श्री अभिषेक गहलोत को निर्देशित किया कि तहसीलदार को नियोजित ढंग से वसूली के बारे में नियमों की जानकारी देवें। पिपलोदा में 50 लाख के लक्ष्य के विरुद्ध 11 लाख की वसूली की गई है।

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