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जिला प्रशासन, वन अमले तथा ग्रामीणों एवं वन समितियों के सहयोग से नेशनल पार्क में लगी आग पर 48 घंटे के भीतर पाया गया काबू

उमरिया | प्रदेश शासन के वनमंत्री डा कुंवर विजय शाह ने कलेक्ट्रेट सभागार उमरिया में आयोजित प्रेस कान्फ्रेंस मे बताया कि बांधवगढ़ नेशनल पार्क में अग्नि दुर्घटना से कोर एवं बफर जोन में जंगल का नुकसान हुआ है। जिला प्रशासन, वन अमले तथा ग्रामीणों एवं वन समितियों के सहयोग से नेशनल पार्क में लगी आग पर 48 घंटे के भीतर काबू पा लिया गया। आपने बताया कि नेशनल पार्क में जैव विविधता एवं प्राकृतिक वातावरण बनाए रखनें हेतु जंगल की सूखी लकड़ी न तो संकलित की जाती है और न ही उपयोग की जाती है। इसी कारण नेशनल पार्क में अग्नि दुर्घटना भयावह रूप ले लेती है, जिसके कारण नेशनल पार्क में आग पर काबू पाना कठिन काम हो जाता है। उन्होंने कहा कि उमरिया जिला प्रशासन तथा वन विभाग एवं आस पास के ग्रामीणों तथा मनरेगा के श्रमिकों ने तत्परता दिखाकर 24 से 48 घंटे के भीतर आग पर नियंत्रण पा लिया था। नेशनल पार्क में एक प्रतिशत जंगल के नुकसान का आकलन किया गया है। इस अवसर पर विंन्सेंट रहीम, वन संरक्षक शहडोल, कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव, वन मण्डलाधिकारी मोहित सूद उपस्थित रहे।
वन मंत्री ने कहा कि नेशनल पार्क का मैनें स्वयं भ्रमण किया है तथा नुकसान का जायजा भी लिया है। उन्होंने कहा कि कोर एरिया में वनोपज एवं महुआ संकलन की छूट नही है, लेकिन वन ग्राम के लोगों की आजीविका इस पर निर्भर है। इसलिए ज्यादा कड़ाई नही की जाती। नेशन पार्क में स्थित 10 ग्रामों के लोगों के पुर्नवास एवं विस्थापन के प्रयास किए जा रहे है, उनके पुर्नवास हेतु बेहतर विकल्प तथा बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। आपने कहा कि प्रातः काल कोर एरिया के भ्रमण के दौरान पार्क के भीतर लोगों को महुआ संकलन करते हुए पाया गया । संबंधित व्यक्तियों को महुआ संकलन के दौरान पत्तों को अलग कर आग नही लगानें की समझाईश दी गई है।
वन मंत्री श्री शाह ने कहा कि भविष्य मे इस तरह की घटनाएं नही हो इसके लिए व्यापक रणनीति तैयार की जा रही है, जिसके तहत एक माह के लिए चौकीदारों की व्यवस्था, नाईट विजन हेतु ड्रोन की व्यवस्था, एंबुलेंस की व्यवस्था, ब्लोअर की व्यवस्था, फायर फाईटर की व्यवस्था का प्रस्ताव है। इसी तरह विदेशों में फायर फाईटर हवाई जहाज का उपयोग जंगलों की आग बुझाने के लिए किया जाता है जिसके लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि नेशनल पार्क में बाघों की संख्या अधिक होने के कारण उनके बीच आपसी संघर्ष के प्रकरण लगातार मिल रहे है, जिसके लिए नेशनल पार्क के बाघों को अलग शिफ्ट करनें का कार्य किया जाएगा। श्री शाह ने बताया कि वन्य जीवों से जन हानि होने पर चार लाख रूपये के मुआवजा का प्रावधान किया गया है।

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