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शिक्षा और संस्कारों में मध्यप्रदेश बहुत आगे है-साहित्यकार डॉ. मुरलीधर चांदनी वाला

रतलाम। नवंबर मध्य प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर शिक्षक सांस्कृतिक संगठन ने शहर के बुद्धिजीवियों शिक्षकों की ऑनलाइन परिचर्चा आयोजित कर मध्य प्रदेश कल आज और कल विषय पर विचारों को आमंत्रित किया अधिकांश वक्ताओं का मत था कि मध्यप्रदेश में अपने जन्म से लेकर आज तक विभिन्न क्षेत्रों में काफी उन्नति की है लेकिन इसके बावजूद अभी भी कुछ क्षेत्र ऐसे हैं जहां हमें बहुत कुछ अन्य राज्यों की तुलना में अर्जित करना है विशेषकर औद्योगिक विकास कुछ सीमित क्षेत्रों में ही हो पाया है हां शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रदेश वासी जरूर गर्व की अनुभूति कर सकते हैं । विषय प्रवर्तन प्रस्तुत करते हुए प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ मुरलीधर चांदनी वाला ने कहा कि अपार प्राकृतिक संपदा तथा सांस्कृतिक विरासत बाहुल्य प्रदेश होने के बावजूद प्रदेश नेतृत्व कर्ताओं ने प्रदेश के चहुंमुखी विकास में विशेष सक्रियता नहीं दिखाई इसी का परिणाम है कि राजनीतिक रूप से प्रदेश प्रभावशाली होने के बावजूद देश के अन्य विकसित राज्यों की तुलना में वह स्थान अर्जित नहीं कर पाया जिसका वह हकदार है । लेकिन शिक्षा और संस्कारों में हम जरूर बहुत आगे हैं यह हमारी बड़ी उपलब्धि कही जा सकती है। सहायक संचालक शिक्षा श्री लक्ष्मण देवड़ा ने कहा कि हमारा प्रदेश सांस्कृतिक और भौगोलिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है यही कारण है कि देश के विकास में हमारे प्रदेश का योगदान बहुत महत्वपूर्ण है।
संस्था अध्यक्ष दिनेश शर्मा ने कहा कि हमारा प्रदेश 64 वर्ष का समृद्ध मजबूत और उन्नति शील प्रदेश है । जिसने हर क्षेत्र में उन्नति की है खासकर शिक्षा के क्षेत्र में हमारे प्रदेश के युवाओं ने देश के साथ-साथ विदेशों में भी सफलता का डंका बजाया है यही हमारे प्रदेश का सबसे उत्तम पक्ष है हां कुछ क्षेत्र अभी भी प्रगति की राह देख रहे हैं । पूर्व अध्यक्ष कृष्ण चंद्र ठाकुर ने कहा कि मध्य प्रदेश और विशेषकर मालवा का क्षेत्र सांस्कृतिक रूप से सबसे ज्यादा समृद्ध है यहां की संस्कृति मिलजुल कर एक दूसरे को सहयोग प्रदान करने की रही है ।
साहित्य विद श्री रंजीत सिंह राठौड़ ने कहा कि पूरा प्रदेश अपनी शैक्षणिक उन्नति पर गर्व कर सकता है यहां का साहित्यिक क्षेत्र पूरे देश में अपनी योग्यता का लोहा मनवा ता है शिवमंगल सिंह सुमन कृष्णचंद सरल दिनकर सोनवलकर अजहर हाशमी डॉ जयकुमार ज्वेलर्स कैसी विभूतियां है जिन पर पूरा प्रदेश गर्व कर सकता है ।  सेवानिवृत शिक्षिका भारती उपाध्याय ने कहा कि देश के हृदय स्थल में स्थित हमारा प्रदेश अपना गौरवशाली इतिहास स्वयं लिखता है सतपुड़ा की पहाडिय़ां हो सांची के स्तूप यह महाकाल की महत्ता हो अपने आप मध्य प्रदेश को अन्य राज्यों की तुलना में आगे रखता है । शिक्षिका अंजुम खान ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का दिल है जब दिल को कोई तकलीफ होती है तो पूरा शरीर कहां पड़ता है ठीक उसी प्रकार हमारे प्रदेश की हलचल पूरे देश को प्रभावित करती है। संस्था सचिव दिलीप वर्मा ने कहा कि हमारे प्रदेश की सड़कें आज से 15 साल पहले जिन हालात में थी उससे कई गुना आज हम बेहतर स्थिति में हैं यह विकास की गाथा अपने आप कहती हैं कि हम लोगों ने उन्नति और प्रगति की है । रमेश उपाध्याय ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में अभी भी कुछ करना बाकी है ऐम्स जैसे अस्पताल प्रदेश में गरीबों के लिए खुलना चाहिए
शिक्षक दशरथ जोशी ने कहा कि मध्य प्रदेश का भौगोलिक आवरण इतना बढिय़ा है कि देश का प्रत्येक नागरिक यहां आकर शांति और सद्भावना महसूस करता है यहां की सांस्कृतिक विरासत और शांति व्यवस्था सबको आकर्षित करती है यही हमारे प्रदेश की सबसे बड़ी विशेषता है । शिक्षक रमेश परमार ने कहा कि आज हमारा प्रदेश अग्रणी और विकसित प्रदेशों में गिना जाता है किसी समय हम पिछड़े और बीमारू राज्य में गिने जाते थे आज हम गर्व से कहते हैं कि हम विकसित और अग्रणी राज्य के नागरिक हैं । शिक्षक देवेंद्र वाघेला ने कहा कि हमारा मध्य प्रदेश देश के बीचो बीच स्थित होकर चारों दिशाओं से सुरक्षित है विकास की दृष्टि से देखा जाए तो अभी प्रदेश में और कुछ होना बाकी है विशेषकर आईटी क्षेत्र में अभी हमें बहुत कुछ पाना है प्रदेश के युवा हैदराबाद बेंगलुरु और दिल्ली जैसे महानगरों में जाकर अपना केरियर बनाते हैं यह सुविधा है उन्हें प्रदेश में ही प्राप्त होनी चाहिए तभी मध्य प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी कहलाएगा। परिचर्चा में विशेष रुप से डॉक्टर सुलोचना शर्मा, ओपी मिश्रा, गोपाल जोशी, रक्षा के कुमार, कविता सक्सेना, मिथिलेश मिश्रा, वीणा छाजेड़, आरती त्रिवेदी, राजेंद्र सिंह राठौड़, नरेंद्र सिंह राठौड़, अनिल जोशी, राधेश्याम तोगड़े, श्याम सुंदर भाटी, उत्सव लाल सालवी, मदन लाल मेहरा आदि उपस्थित थे । परिचर्चा का संचालन दिलीप वर्मा तथा आभार देवेंद्र वाघेला ने व्यक्त किया ।

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