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खुशियों की दास्तां – जल जीवन मिशन से प्रेरणा मिली, अब तंबोलिया के हर घर में आता है नल से पानी

रतलाम । शासन के जल जीवन मिशन से घर-घर में नल से पानी मिलने की परिकल्पना साकार हो रही है। जिले के विकासखंड बाजना के आदिवासी बाहुल्य तंबोलिया गांव में भी अब हर घर में नल से पानी आ रहा है। ग्रामीणों ने जल जीवन मिशन से प्रेरित होते हुए अपने गांव में नल-जल योजना को साकार कर डाला है।
जिला मुख्यालय से 50 किलोमीटर की दूरी पर बसा तंबोलिया प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण माही नदी के किनारे बसा हुआ आदिवासी बहुल गांव है। लगभग 800 की आबादी वाले तंबोलिया में 140 घर है। कभी पानी की समस्या से जूझ रहे इस गांव के ग्रामीणों की सूझबूझ और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समझाईश और सहयोग से शत-प्रतिशत घरों में नल कनेक्शन पहुंच चुका है, इससे ग्रामीणों को शुद्ध पानी मिल रहा है। पेयजल की जीवनधारा मिल रही है, साफ सफाई में सुविधा हो गई है। स्नान के लिए भरपूर पानी मिल रहा है। इसके पूर्व गांव की महिलाएं एवं पुरुष हैंडपंप और सिस्टम के माध्यम से पानी की पूर्ति करते थे, हाथ में बाल्टी घड़े उठाकर पानी लेने के लिए जाना पड़ता था।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के जिला सलाहकार श्री आनंद व्यास ने बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत जिले के हरएक गाँव को शत-प्रतिशत नल-जल योजना से जोड़ा जाना है। जिले में योजना का तेजी से क्रियान्वयन किया जा रहा है। ग्राम पंचायत में जल जीवन मिशन के उद्देश्य प्रभावित होकर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से संपर्क किया, सहायक यंत्री तकनीकी मार्गदर्शन लिया 14 वें वित्त आयोग की पंचायत को प्राप्त राशि काम में आई। गांव के कुएं में भरपूर पानी है। ग्राम पंचायत द्वारा कुएं को गहरा करते हुए उसे पाइप लाइन से जोड़ा गया। मेन पाइप लाइन से गांव में नल-जल योजना की पाइप लाइन बिछाकर घर-घर नल स्थापित करवाए गए।
ग्राम पंचायत के उपसरपंच श्री महेश शांतिलाल कहते हैं कि हमारे ग्रामीणनों की बड़ी समस्या का निराकरण हो गया है, गांव वाले खुश हैं। महेश नल-जल योजना क्रियान्वयन के लिए बनाई गई समिति के अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने समिति के अन्य सदस्यों के साथ मिल-जुलकर योजना को साकार किया है।