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पुरुष नसबंदी पखवाडा 4 दिसंबर तक मनाया जाएगा

रतलाम । रतलाम जिले में राष्ट्रीय परिवार कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत पुरुष नसबंदी पखवाड़े का आयोजन 21 नवंबर से 4 दिसंबर तक किया जा रहा है। परिवार कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत दो बच्चों के बीच 3 साल का अंतर और 2 बच्चों के बाद परिवार कल्याण स्थाई ऑपरेशन की गतिविधियां की जाना है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रभाकर नानावरे ने बताया कि रतलाम जिला मिशन परिवार विकास के अंतर्गत चिन्हित जिला है। रतलाम की सकल प्रजनन दर 3.1 है। जिले में पुरुष परिवार कल्याण ऑपरेशन कराने वाले हितग्राही को 3 हजार रूपए की क्षतिपूर्ति राशि प्रदान की जाती है। परिवार कल्याण के अन्य साधनों में प्रसव पश्चात सात दिवस के भीतर स्थाई परिवार कल्याण ऑपरेशन कराने वाली महिला को 3 हजार रूपए की राशि प्रदान की जाती है। सामान्य रूप से महिला नसबंदी ऑपरेशन कराने वाली महिला को 2000 की राशि प्रदान की जाती है। प्रसव पश्चात पीपीआईयूसीडी लगवाने पर महिला हितग्राही को 300 रूपए, प्रेरक को 150 रूपए तथा लगाने वाले स्टाफ को 150 रुपए की राशि प्रदान की जाती है। परिवार कल्याण के नए साधनों में दो बच्चों के बीच अंतर रखने के लिए अंतरा इंजेक्शन एक प्रभावी उपाय है। अंतरा इंजेक्शन 3 माह में एक बार लगवाने से बच्चों के मध्य अंतर रखा जा सकता है। अंतरा इंजेक्शन लगवाने वाली महिला को 100 रुपए तथा प्रेरक को 100 रूपए की राशि प्रदान की जाती है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी.आर. गौड़ ने बताया कि पखवाड़े के दौरान कोविड-19 से संबंधित सभी प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा। किसी भी शिविर में एक बार में 10 से अधिक ऑपरेशन नहीं किए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग के कार्यकर्ता अपने क्षेत्र के लक्ष्य दंपतियों को उनकी इच्छा के अनुसार परिवार कल्याण के साधनों को प्रदान करेंगे एवं लक्ष्य दंपति द्वारा चाही गई परिवार कल्याण की सेवाएं प्रदान करेंगे। पखवाड़े के संबंध में जिले के सभी विकासखंडों में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण एवं अन्य सभी जानकारियां प्रदान कर दी गई है। उल्लेखनीय है कि परिवार कल्याण के साधनों में 2 बच्चों के बाद पुरुष नसबंदी अपनाना सबसे प्रभावी साधन है। पुरुष नसबंदी से किसी भी प्रकार की कोई कमजोरी नहीं आती है। पुरुष नसबंदी के 7 दिन बाद ही हितग्राही अपने समस्त कार्य आम दिनों के समान ही कर सकता है। इस विधि में कोई चीरा, टांका आदि नहीं लगाया जाता है और समय भी केवल 2 मिनट का लगता है। इसलिए महिलाओं के समान पुरुषों को भी अपने परिवार के लिए समान रूप से भागीदार होना चाहिए। परिवार कल्याण के साधनों के लिए लोग अपने नजदीकी शासकीय स्वास्थ्य केंद्र अथवा एएनएम, आशा कार्यकर्ता अथवा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से सीधे संपर्क कर सकते हैं।

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