प्याज में तेजी मंदी का दौर आवकें बढ़ने से

 (मोतीलाल बाफना)

 रतलाम(30 नवंबर 2018)। मध्यप्रदेश में नासिक वैरायटी नया प्याज एवं पुराना प्याज की आवकें अच्छी हो रही है जिसके कारण देश के अन्य हिस्सों में भी जो नए प्याज की आवकें प्रारंभ होने से उठाव कमजोर होने से बाजार चाल ढिली होकर कहीं पर मंदी तो कहीं पर तेजी चल रही है। प्याज के जानकार सूत्रों का कहना है कि देश में प्याज की खपत का तिहाई हिस्सा महाराष्ट्र पूर्ति करता है। बाकी 25 प्रतिशत में देश के विभिन्न राज्यों के प्याज उत्पादन राज्यों पर निर्भर रहता है। इस बार प्याज में कई अन्य राज्यों में गर्मी के मौसम में आने वाली पैदावरी की प्याज की उपज को लेकर इसकी उपज को 30 प्रतिशत महाराष्ट्र में कम होने की चर्चा है। जिसके कारण अगर अन्य राज्यांे में प्याज का उत्पादन कमजोर उतरा तो प्याज में बाद में तेजी बनने की भी चर्चा व्यापार जगत में चल रही है लेकिन वर्तमान में महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और मध्यप्रदेश की नई प्याज आने के कारण प्याज के भावों में मंदी का दौर चला और पुराना प्याज क्वालिटी अनुसार 100 रुपए से 900 रुपए प्रति क्विंटल तक और नया प्याज क्वालिटी अनुसार 200 रुपए से 1500 रुपए प्रति क्विंटल तक अलग-अलग राज्यों का बिक्री होने की चर्चाएं हैं। आज रतलाम में 10 हजार बोरी के करीब प्याज आने की चर्चा है जिसके कारण प्याज के भावों में 100 से 200 रुपए प्रति क्विंटल तक क्वालिटी अनुसार मंदा रहने की चर्चा है। रतलाम में प्याज नया एवं पुराना क्वालिटी अनुसार 200 से 800 रुपए के आसपास व्यापार होने की चर्चा है। क्योंकि नया प्याज गिला आ रहा है और जैसी क्वालिटी चाहिए वैसी क्वालिटी नहीं आ पा रही है। क्योंकि महाराष्ट्र की क्वालिटी और मध्यप्रदेश की क्वालिटी में बहुत अंतर है। आज मध्यप्रदेश में 8 दिन  बाद मंडी प्रारंभ हुई और विदेशों में भी महाराष्ट्र के प्याज की पैकिंग क्वालिटी अनुसार चल रही है जो एक्सपोर्ट में जा रहा है।

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