लाल मिर्च: नई लाल मिर्च के भावों को लेकर रुको और देखो की चर्चा

(मोतीलाल बाफना)
रतलाम। देश के लाल मिर्च उत्पादक राज्यों आंध्रप्रदेश, तेलं.,मप्र.,महा.,कर्नाटक आदि राज्यों की लाल मिर्च के उत्पादन को लेकर देश के प्रमुख लाल मिर्च के व्यापारियों द्वारा नई फसलों को लेकर सभी की राय पूरी तरह एक जैसी नहीं बन पा रही है। कारण कि देर तक राज्यों में बारिश की वजह से मिर्च फसलें प्रभावित होने एवं लेट होने की भी चर्चा होने लगी है। म.प्र., महा., गुज., आंध्र., तेलंगाना, आदि राज्यों में वहां की क्वालिटी अनुसार लाल मिर्च की फसलें आना प्रारंभ हो गई है और अभी सुपर मालों में विदेशों में डिमांड के कारण डंडी कट सुुपर मालों में ग्राहकी बनी हुई है। जिसके कारण लाल मिर्च में तेजी मंदी का माहौल चल रहा है। म.प्र. में मिर्च की आवक सप्ताह में 50000 बोरी के लगभग रहने की चर्चा है। भाव क्वालिटी मुताबिक 6500 से 18500 रु. प्रति क्लिंटल डंडीकट एवं डंडीदार माल अनुसार व्यापार होने की चर्चा है। वैसे लेट तक बारिश होने के कारण मिर्च के अंतिम तोड़ की फसलें प्रभावित होकर मिर्च की फसलें आखिरी में बढ़ने की संभावना कुछ व्यापारी वर्ग की चर्चा में है। इधर कर्नाटक में भी नई लाल मिर्च की आवकें बेड़गी, गदक, बैल्लारी आदि मंडियों में प्रारंभ तो हो गई है लेकिन फसलों की आवक जनवरी माह से बढ़ने की संभावना होने के कारण दक्षिण भारत के एवं देश के प्रमुख मिर्च व्यापार जगत के जानकारों में एक चर्चा यह भी चल रही है कि वर्तमान में मिर्च फसलों को लेकर सहीं वस्तुस्थिति सामने नहीं आ रही है। क्योंकि तेजीड़िया, मंदीड़िया अपने-अपने हिसाब से आंकलन करते वातावरण बनाने की अपनी राय देते कर रहे हैं। लेकिन कुछ प्रमुख व्यापार सूत्रों के मुताबिक व्यापारी वर्ग अभी फसलों एवं आवकों को रूको और देखो और भावों की स्थिति का अध्ययन करने के बाद ही जनवरी माह के अंत तक व्यापार पर चर्चा करें क्योंकि आंध्र और कर्नाटक की नई लाल मिर्च क्वालिटी अनुसार 6000 से 18000 रुपए प्रति क्विंटल तक क्वालिटी अनुसार बिक्री होने की चर्चा है। वहीं दूसरी तरफ कर्नाटक में मिर्च क आवकें बढ़ना प्रारंभ हो गई है और वहां पर भी क्वािलटी अनुसार माल 7000 से 18000 रु. प्रति क्विंटिल तक बिक्री होने की चर्चा है। लेकिन वास्तविक उत्पादन एवं भावों की चर्चा स्टाक के लिए मालों की वस्तुस्थिति जनवरी – फरवरी माह में ही लग पाएगी। कुछ व्यापारियों का कहना है कि मिर्च की फसलें बाद में ज्यादा उतर गई तो मिर्च मे भाव को लेकर उठा पटक हो सकती है ऐसी चर्चा है। बारिश के कारण कुछ राज्यों में कुछ स्थानों पर लाल मिर्च में नुकसान भी हुआ है और कुछ क्षेत्रों में अच्छी फसलें उतरने की संभावना व्यक्त की जा रही है। देश की प्रमुख लाल मिर्च की मंडियों में जीएसटी टैक्स, ट्रक भाड़ा, खर्चे पड़ते मुताबिक क्वालिटी अनुसार मिर्च 8000 से 20000 रुपए तक प्रति क्विंटल जनरल भाव और सुपर क्वालिटी एक्स्टारा माल 22000 से 25000 रुपए प्रति क्विंटल बिक्री होने की चर्चा है। कुछ व्यापारी सूत्र लाल मिर्च में तेजी का वातावरण बनने की भी चर्चा कर रहे हैं लेकिन लाल मिर्च के भविष्य के भाव को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।

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