लहसुन में देशभर में लंबी मंदी और तेजी का वातावरण

ऊंचे भाव में स्टॉकिस्ट निष्क्रिय, मप्र में 3000 से 7500 तक, ऊटी 10000 तक, राजस्थान में 2500 से 7000 तक और ऊटी 9000 तक

(मोतीलाल बाफना)
रतलाम(25 अप्रैल 2019)। पिछले समाप्त सप्ताह में मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात, उत्तरप्रदेश आदि राज्यों में लहसुन में लंबी तेजी-मंदी का वातावरण बना। सप्ताह अंत तक जो लहसुन 1500 से 4000 रुपए प्रति क्विंटल तक जनरल भाव था वह लहसुन 3000 से 9000 रुपए जनरल हो गया और ऊपर में 10000 से ऊपर भी कहीं-कहीं पर एक-दो लॉट बिकने लग गए थे। 22 अप्रैल सोमवार को मध्यप्रदेश और राजस्थान की मंडियों में लहसुन की भरपुर आवक दोनों राज्यों में मिलाकर लगभग 2 लाख बोरी के आसपास हो गई थी। जिसके कारण उस दिन लहसुन मंडियों में लहसुन में 500 से 1500 रुपए प्रति क्विंटल की मंदी का वातावरण बनकर माल बिकने लग गया था। अब पुन: एक-दो दिन में लहसुन में तेजी-मंदी का वातावरण बन रहा है। मध्यप्रदेश की कुछ लहसुन मंडियों में बाजार समान तो कहीं पर कुछ तेजी का वातावरण तो कहीं पर कुछ स्थानों पर दो से तीन रुपया मंदी का वातावरण भी रहा। वहीं गुजरात की लहसुन मंडियों में भी आवक बढ़ने लग गई। मध्यप्रदेश से गुजरात के स्टॉकिस्ट व्यापारी एवं उत्पादक कृषकों की खरीदी के कारण जो तेजी का वातावरण बना तो वह लोग पुन: वापस चले गए और खरीदी रूक गई। लहसुन के उत्पादक कृषक, स्टॉकिस्ट एवं व्यापार क्षेत्र के जानकारों की चर्चाओं के मुताबिक मध्यप्रदेश, राजस्थान में गत वर्ष 2018 में पिछले वर्ष 2017 के मुकाबले तीन से चार गुना फसल थी। वह वर्ष 2019 में मध्यप्रदेश, राजस्थान में 50 से 60 प्रतिशत कुछ गांवों में मानी जा रही है। तो कहीं कुछ गांवों में 50 प्रतिशत के आसपास भी मानी जा रही है। अभी राजस्थान में नई लहसुन की शुरुआत में ही लहसुन में आई भारी तेजी से उत्पादक कृषक अपना माल रोक-रोक कर बेचने लगा। क्योंकि लहसुन व्यापार में ऐसा वातावरण निर्मित कर दिया गया कि लहसुन में भारी तेजी आएगी। इसके कारण उत्पादक कृषकों ने माल बेचने की बजाए रोकना शुरू कर दिया और जिन कृषकों के पास कम लहसुन था या जिनके पास नहीं था उन्होंने मंडियों से माल गिला लहसुन था तब से ही खरीदी कर स्टॉक करना शुरू कर दिया था। व्यापार क्षेत्रों में एक यह भी चर्चा है कि लहसुन में तेजी जून-जुलाई माह में आना थी वह इतनी लंबी तेजी अप्रैल माह में आ जाना कई चर्चाओं का विषय है। क्यांेकि लहसुन कृषकों के पास पड़ा ही है और लंबी तेजी का वातावरण बन गया। अभी कोई ऊंचे भाव पर कोई लंबा एक्सपोर्ट भी नहीं होने की चर्चा है। यह एक चिंतनीय विषय है। देश के लहसुन बिक्री मंडियों मुंबई, दिल्ली, पुना, नागपुर, अकोला, बैंगलोर, हुबली, चैन्नई, वडुगापट्टी, कोयम्बटूर, मदुराई, कोलकाता, गोहाटी, बनारस, कानपुर, अहमदाबाद, सुरत, बिलासपुर, रायपुर, कटक, भुवनेश्वर, रांची, टाटा जमशेदपुर, अमृतसर, लुधियाना, जालांधंर, सोनीपत, पानीपत, करनाल, जयपुर, जोधपुर, बिकानेर, सहारनपुर, गया, पटना, समस्तीपुर, गोरखपुर, मैसूर, निजामाबाद, खम्मम, ताड़ेपल्लीगुड्म, वरंगल, रायगढ़, खड्गपुर, हुगली (बंगाल), सिलीगुड्डी, सेलम आदि में ट्रक भाड़े खर्च, वजन घटती व दूरी अनुसार और क्वालिटी अनुसार मध्यप्रदेश, राजस्थान, उत्तरप्रदेश, गुजरात आदि राज्यों का नया लहसुन 3000 से 9000 रुपए तक जनरल और पैकिंग अनुसार सुपर माल कहीं-कहीं पर 10000 से 14000 रुपए प्रति क्विंटल तक बिक्री होने की चर्चा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *