देश की अद्भूत, अलौकिक सूर्य भगवान की जमीन में से निकली मूर्ति जो स्थापित की गई

रतलाम (मोतीलाल बाफना)। यह मूर्ति अफजलपूर (सूर्य नगर) जो दलौदा-सीतामऊ रोड (जिला मंदसौर) पर स्थित है। जहां पर यह मूर्ति खुदाई पर निकलने पर इसे गांव वालों ने यहां स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर में स्थापित की गई है। पूरातत्व विभाग ने भी यहां पहुंचकर इस मूर्ति के संबंध में बोर्ड लगा दिया गया है।

लेकिन गांव वाले इस मूर्ति का मंदिर इसी गांव में बनाकर स्थापित करना चाहते हैं। यह सूर्य भगवान की अद्भुत अलौकिक मूर्ति है। जो देश में इस प्रकार की पहली पूर्ण आकार मूर्ति होगी (चर्चाओं के मुताबिक)। यह पूर्णरुपेण सूर्य भगवान और उनके परिवार की मूर्ति है और स्पष्ट दिखती है। यह देश में कोणार्क मंदिर के बाद दूसरी अद्भूत मूर्ति है। यहां पर देश-विदेश से भी पर्यटक आकर मूर्ति का अवलोकन कर रहे हैं। हमने 21 अप्रैल 2019 रविवार को अफजलपूर (सूर्य नगर) प्रवास के दौरान इस मूर्ति के दर्शन कर अवलोकन किया। जिसमें इस मूर्ति की भव्यता नजर आती है और यह सदियों पूरानी लगती है। जमीन में से ऐसी ही हालत की पूरी मूर्ति निकली है। जिससे गांव वालों ने छत्री अफजलपुर गांव का नाम उस दिन से सूर्य नगर कर दिया गया है। क्योंकि सूर्य भगवान का यहां की जमीन से किसी प्रकार का संपर्क रहा है, चर्चाओं के मुताबिक। इस मूर्ति के बारे में जानकारी प्राप्त की जा रही है। यह देश में ऐसी पूर्ण मूर्ति है जिसमें हाथ-पांव सहित है।

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