देशभर में पुराने प्याज में मंदी का दौर और नए प्याज की आवक जोरदार, 400 से 1300

 (मोतीलाल बाफना)

 रतलाम(5 दिसंबर 2018)। देशभर के उत्पादन क्षेत्रों मध्यप्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक आदि कई राज्यों की मंडियों में माल की आवक नए एवं पुराने प्याज की अच्छी मात्रा में होने से पुराने प्याज में बाजार चाल ढिली चल रही है। जिसके भावों का प्रभाव नए प्याज के मार्केट  पर भी पड़ रहा है और यही कारण है कि मध्यप्रदेश में प्याज के दाम हल्के मालों में निम्न स्तर पर आने से देशभर में तथा सरकार के सामने भी इसकी गुंज की चर्चा है। और मध्यप्रदेश की रतलाम, मंदसौर, नीमच मंडियों में पुराने प्याज के भाव निम्न स्तर पर

आकर निम्न स्तर का हल्का माल 50 रुपए प्रति क्विंटल तक मंडियों में बिकने की चर्चा है। वैसे जनरल भाव 50 रुपए से लगाकर 800 रुपए तक रहने की चर्चा है। वहीं नया प्याज 200 से 1150 रुपए प्रति क्विंटल तक रहने की चर्चा है और नए प्याज की आवक मंदसौर, नीमच, जावरा, रतलाम, बदनावर, उज्जैन, इंदौर, आष्टा, सिहोर, छिंदवाड़ा, शाजापुर सहित प्रदेश की कई मंडियों में हो रही है। जिसकी चर्चाएं प्रदेश के समाचार पत्रों में भी उत्पादक कृषकों की समस्याओं को लेकर विगत दिनों से चल रही है। क्योंकि प्रदेश के प्याज उत्पादकों से चर्चा मुताबिक रतलाम जिले में कहीं-कहीं पर एक एकड़ में 400 क्विंटल तक प्याज उत्पादन की चर्चा रहती है। वहीं उसका खर्च 2 लाख रुपए के आसपास माने जाने की चर्चा है। मध्यप्रदेश के अधिकांश जिलों में नगद फसल के रूप में उत्पादक कृषक लहसन और प्याज की बुवाई की तरफ उसका ध्यान बढ़ बया है। वैसे इस वर्ष महाराष्ट्र के प्याज उत्पादन क्षेत्रों की मंडियों अहमदनगर, उमराणा, मनमाड़, कराड़, मालेगांव, मुंगसा, राहुरी, संगमनेर, वम्बोरी, लॉसलगांव, येवला, चांकड़, घोड़ेगांव, मंचर, कराड़, कोल्हापुर नांदगांव, कलवान, धुिलया, पारनेर, नासिक, चांदवड़, चालिसगांव, आलेफंटा, पिपलगांव बंसत, नामपुर, राहता, नांदूरासिगोंट, निपाड़ आदि एवं बिक्री सेंटरों सोलापुर, कोल्हापुर, मुबंई, पुना, नागपुर, अकोला, अमरावती आदि में नया एवं पुराना प्याज क्वालिटी अनुसार 100 रुपए से लगाकर 1000 रुपए तक जनरल भाव और नया प्याज कहीं-कहीं पर सुपर क्वालिटी 1100 से 1300 रुपए प्रति क्विंटल तक बिक्री होने की चर्चा है। वैसे महाराष्ट्र में चर्चाओं के मुताबिक नए प्याज की फसल 30 प्रतिशत कम बताई जा रही है। वहीं मध्यप्रदेश में वर्तमान समय में नए प्याज की फसल की आवक अच्छी हो रही है लेकिन ठंडी देरी से पड़ने के कारण प्याज की फसलें प्रभावित भी हुई है। जिसके कारण बाद में आवक कमजोर पड़ सकती है ऐसी चर्चा है। गुजरात के भावनगर, महूआ, गोंडल, राजकोट आदि प्याज बिक्री की मंडियों में प्याज की आवक नए एवं पुराने की अच्छी हो रही है जो क्वालिटी अनुसार 250 से 1250 रुपए प्रति क्विंटल तक बिक्री होने की चर्चा है। वहीं राजस्थान के अलवर और खेरतल एरिये का नया प्याज अच्छी मात्रा में निकल रहा है जो दिल्ली, पंजाब, उत्तरप्रदेश, बिहार आदि कई बिक्री सेंटरों पर भी बिक्री होने की चर्चा है। लेकिन देश की प्याज की बिक्री सेंटरों की मंडियाें दिल्ली, हुबली, कोयम्बटूर, मदुराई, कोलकाता, गोहाटी, जोराहट, नागालैंड, इम्पाल, बनारस, कानपुर, अहमदाबाद, बिलासपुर, रायपुर, कटक, भुवनेश्वर, रांची, टाटा जमशेदपुर, अमृतसर, लुधियाना, जालंधर, सोनीपत, पानीपत, करनाल, जयपुर, जोधपुर, बिकानेर, सहारनपुर, गया, पटना, समस्तीपुर, गोरखपुर, मैसूर, निजामाबाद, खम्मम, ताड़ेपल्लीगुड्म, रायगढ़, खड्गपुर, सिलीगुड्डी, श्रीनगर, राहुलकेला, संभलपुर, बरगढ़ आदि में प्याज मध्यप्रदेश, गुजरात, राजस्थान आदि राज्यों का प्याज पहुंच रहा है। लेकिन वहां पर उठाव कमजोर होने के कारण प्याज के भावों में मंदी का रुख हो गया है। जिसके कारण प्याज में देश की बंगाल, बिहार, उत्तरप्रदेश, उड़िसा, दिल्ली, हरियाणा आदि राज्यों के साथ विदेशों में भी जो महाराष्ट्र का प्याज एक्सपोर्ट में कोलंबो, बांग्लादेश, मलेशिया और दुबई सहित कई देशों में प्याज की डिमांड कमजोर पड़ने से वहां पर भी प्याज के भाव उतरने की चर्चा है। बांग्लादेश बॉर्डर गजदंगा, बम्बोरी, इल्ली, मेहंदीपुर आदि बार्डरों पर प्याज क्वालिटी अनुसार मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र गुजरात आदि राज्यों का प्याज 1000 से 1400 रुपए प्रति क्विंटल तक बांग्लादेश करंसी मुताबिक व्यापार होने की चर्चा है। वहीं बॉर्डरों पर प्रतिदिन व्यापार के बाद भी माल बैलेंस रहने की भी चर्चा रहती है जिसके कारण आज देशभर की प्याज मंडियों में बाजार मंदी की तरफ रहने की चर्चा है।

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