लहसन उत्पादन राज्यों में पुराने लहसन की आवक जोरदार रहने से बाजार चाल ढिली, सुपर मालों में अच्छा उठाव

(मोतीलाल बाफना)

रतलाम(6 दिसंबर 2018)। राजस्थान में 7 दिसंबर को मतदान के कारण आज और कल लहसन मंडियों में अवकाश के कारण बंद है। वहीं मध्यप्रदेश की लहसन उत्पादन क्षेत्र की मंडियों पिपलिया, मंदसौर, दलौदा, जावरा, रतलाम, पिपलौदा, सैलाना, नामली, बदनावर, उज्जैन, इंदौर, भोपाल, शाजापुर, सिहोर, आष्टा, भोपाल आदि मंिडयों में लहसन की आवक अच्छी हो रही है और उत्पादक कृषकों के पास अच्छी मात्रा में लहसन स्टाक का निकल रहा है, उसमें से वर्तमान में जो माल मंडियों में आ रहा है उसमें 80 प्रतिशत लगभग माल हल्का व निम्न स्तर का आ रहा है। जो फैक्ट्री क्वालिटी हल्का माल निम्न स्तर का 50 रुपए से लगाकर 450 रुपए प्रति क्विंटल तक एवं एवरेज माल 600 रुपए से 1700 रुपए तक बढ़िया माल 2000 रुपए तक एवं सुपर क्वालिटी बड़ा माल 2500 से 3000 रुपए के आसपास व्यापार होने की चर्चा है। कहीं-कहीं पर एक-दो लॉट कार्टून में बेस्ट माल बड़ी कली का विगत दिनों मंदसौर मंडी में 5500 रुपए प्रति क्विंटल के आसपास बिका है। वैसे मध्यप्रदेश में चालू वर्ष में पिछले वर्ष के मुकाबले 3 से 4 गुना फसल उतरने की वजह से उत्पादक कृषकों के पास माल स्टाक होने के कारण लहसन के बाजार इतने निम्न स्तर तक आ गए जो देशभर में चर्चा का विषय है। इसके पहले वर्ष 2017 में पैदावारी 2018 से कम होने के कारण लहसन के भाव ठीक-ठीक थे। इससे उत्पादक कृषकों को अच्छा फायदा मिला था। अब आगामी 2019 वर्ष के लिए मध्यप्रदेश, राजस्थान आदि राज्यों में लहसन की बुवाई कमजोर बताई जा रही है। जिसके कारण उत्पादक कृषकों की चर्चाओं के मुताबिक 2019 में नई लहसन की फसल 50 प्रतिशत के लगभग वर्ष  2018 के मुकाबले रह सकती है। क्योंकि विगत वर्षों में लहसन व्यापारियों को इस व्यापार में भारी परेशानियों के व्यापार करना पड़ा और पैसा डुबने तक की भी नौबत चर्चा मंे है और इस वर्ष 2018 में उत्पादक कृषक अब परेशान होकर नुकसान उठा रहा है। ऐसी चर्चा है। चालू सप्ताह में लहसन की आवकें अच्छी चल रही है। और कहीं-कहीं पर अच्छे मालों में ग्राहकी है लेकिन हल्के मालों में ग्राहकी कमजोर रहने की चर्चा है। मध्यप्रदेश, राजस्थान, उत्तरप्रदेश, गुजरात, आदि राज्यों का लहसन मशीन क्वालिटी बनकर बिक्री सेंटरों पर पहुंचकर क्वालिटी मुताबिक माल बिक्री होने की चर्चा है। गुजरात के गोंडल, जामनगर, राजकोट आदि लहसन उत्पादन क्षेत्र की मंडियों में लहसन क्वालिटी अनुसार 500 से 1250 रुपए प्रति क्विंटल तक एवं सुपर माल मध्यप्रदेश आदि राज्यों का पैकिंग और क्वालिटी अनुसार खेरची में बिक्री होने की चर्चा है। वहीं अब दिसंबर और जनवरी माह में गुजरात का वर्ष 2018 की पैदावारी का लहसन निकलेगा। उत्तरप्रदेश में भी लहसन उत्पादन क्षेत्रों की मंडियों में आकर प्रतिदिन अनुसार सामान्य भावों पर ही बिक्री होने की चर्चा है। देश के बिक्री सेंटरों पर भी लहसन के भावों में समानता देखी गई है। उत्पादन क्षेत्रों के भाव वहां पर रहने की चर्चाएं अधिकांश मंडियों में रहती है। ट्रक भाड़े खर्चे में तेजी मंदी का फर्क होने की चर्चा रहती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *