ट्रंप प्रशासन ने कहा-वह भारत की हर प्रकार की रक्षा जरूरतों को पूरा करने को तैयार है लेकिन एस-400 डील बन रहा बाधा

नई दिल्ली। कुछ ही दिन पहले अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भी भारत-रूस रक्षा संबंधों को लेकर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा था कि रूस से घातक मिसाइल प्रणाली की खरीद के सौदे का भारत-अमेरिका के रक्षा संबंधों पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा। ट्रंप प्रशासन ने कहा है कि वह भारत की हर प्रकार की रक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार है लेकिन, इसमें रूसी एस-400 मिसाइल डील बाधा बन रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय की वरिष्ठ अधिकारी एलिस वेल्स ने विदेश मामले की संसदीय कमेटी के सामने यह बात कही। उन्होंने पाक के साथ अमेरिका के संबंधों की भी जानकारी दी। एस-400 को रूस की सबसे उन्नत और लंबी दूरी तक सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल रक्षा प्रणाली के रूप में जाना जाता है। इस मिसाइल रक्षा प्रणाली को साल 2014 में चीन ने भी खरीदा था। जिसे लेकर अमेरिका ने चीन पर किसी भी सैन्य सामान को बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया है।

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