आतंकी या तो हथियार छोड़ दें या फिर ढेर होने के लिए तैयार रहें

जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और सीआरपीएफ ने साझा प्रेस वार्ता की
नई दिल्ली । पुुलवामा हमले के बाद मंगलवार को जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और सीआरपीएफ ने साझा प्रेस वार्ता की है। इस वार्ता में उन्होंने आतंकियों को सख्त संदेश दिया है। सेना ने चेतावनी दी कि कश्मीर में कई गाजी आए और चले गए, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। साथ ही कश्मीरी माताएं से अपील की कि वे अपने बेटों से आतंक का रास्ता छोड़ने को कहें। अगर उन्होंने बंदूक उठाई तो वे मारे जाएंगे।
सेना, सीआरपीएफ और जम्मू पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ले. ज. केजेएस ढिल्लन जीओसी चिनार कॉर्प्स ने कहा कि सेना ने आतंकी हमले के 100 घंटे के अंदर ही इसके दोषियों को उनके अंजाम तक पहुंचा दिया है। ढिल्लन ने कहा पुलवामा में हुए आत्मघाती आतंकी हमले के पीछे जैश-ए-मोहम्मद और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का हाथ है। पाकिस्तान का 100 फीसदी इनवॉल्वमेंट हैं। इसमें हमें और आपको कोई शक नहीं है।
उन्होंने कश्मीरी आतंकवादियों की माताओं से आग्रह कर कहा कि वे अपने बेटों को समर्पण के लिए समझाएं, हथियार उठाने वाले किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। सेना उनका खात्मा करने को मजबूर होगी। सेना ने कहा कि आतंकी या तो हथियार छोड़ दें या फिर ढेर होने के लिए तैयार रहें। घाटी में कितने गाजी आए और कितने चले गए। जो आतंकी कश्मीर में आएगा जिंदा नहीं बचेगा।
अधिकारी ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद को पाकिस्तान आर्मी का बच्चा कहा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में घाटी से आतंकियों के सफाए का ऑपरेशन जारी रहेगा और उन्हें चुन-चुनकर मारा जाएगा। कश्मीर पुलिस के आईजी एसपी पाणि ने कहा कि बीते साल जैश के 56 आतंकी मारे गए और अब तक इस साल भी मारे गए 31 आतंकियों में से 12 जैश के थे। उन्होंने कहा कि कश्मीर घाटी में पाकिस्तान द्वारा घुसपैठ जारी है, लेकिन घुसपैठ में काफी हद तक कमी आई है।

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