इस्तीफे के बाद राहुल गांधी का पहला बयान

मुंबई। कांग्रेस के अध्यक्ष पद से सार्वजनिक तौर पर इस्तीफा देने के बाद राहुल गांधी गुरुवार को संघ मानहानि मामले में मुंबई की शिवड़ी अदालत में पेश हुए। अदालत के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए गांधी ने कहा कि यह विचारधारा की लड़ाई है और मैं पहले से दस गुना ज्यादा लड़ाई लड़ूंगा।
राहुल ने कहा कि इस्तीफा देने के बाद से उनपर हमला हो रहा है लेकिन मुझे इन हमलों पर मजा आ रहा है। उन्होंने कहा, ‘यह विचारधारा की लड़ाई है। मैं गरीबों और किसानों के साथ हूं। यह लड़ाई (भाजपा के खिलाफ) जारी रहेगी। आक्रमण हो रहा है। मजा आ रहा है।’ अदालत से बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राहुल से इस्तीफा वापस लेने को कहा अदालत पहुंचे राहुल गांधी से कांग्रेस के कई समर्थकों ने पार्टी के अध्यक्ष पद से दिया गया उनका इस्तीफा वापस लेने का आग्रह किया। अदालत परिसर से बाहर एकत्र तकरीबन 150 कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपनी इस मांग के समर्थन में नारे भी लगाए। इन लोगों के हाथों में तख्तियां थीं। जब राहुल सुबह मुंबई हवाईअड्डे पर विमान से उतरे तब भी बाहर खड़े उनके समर्थकों ने नारेबाजी की और पार्टी अध्यक्ष पद से दिया गया इस्तीफा वापस लेने की मांग की। जब राहुल अदालत पहुंचे, तब माकपा महासचिव सीताराम येचुरी भी वहां पहुंचे। मोदी और संघ के खिलाफ लड़ाई में मैं अकेला खड़ा था। बुधवार को लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद राहुल गांधी ने सार्वजनिक तौर पर अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की घोषणा की थी। उन्होंने पार्टी के पुनर्निर्माण और 2019 की विफलता के लिए लोगों को जवाबदेह बनाने के लिए कठोर निर्णय लेने का आह्वान किया। अपने चार पेजों के खुले खत में राहुल ने कांग्रेस कार्यसमिति से अनुरोध किया कि वह लोगों का एक समूह बनाकार पार्टी का नया अध्यक्ष ढूंढ ले क्योंकि वह इसकी जिम्मेदारी नहीं निभा सकते। उन्होंने खत में लिखा, ‘मैं एक कांग्रेसजन के तौर पर पैदा हुआ, यह पार्टी हमेशा मेरे साथ रही है और यह मेरी रगों में है और
हमेशा रहेगी।’

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *