लहसुन के उत्पादन क्षेत्र मप्र में कृषक स्टॉकिस्टों की खरीदी से बाजार में तेजी का वातावरण

मप्र में 2500 से 6000 तक, ऊटी 9000 तक, राजस्थान में 1500 से 5000 तक

 

(मोतीलाल बाफना)

रतलाम(15 अप्रैल 2019)। समाप्त सप्ताह में मध्यप्रदेश की लहसुन उत्पादन क्षेत्र की मंडियों पिपलिया, मंदसौर, दलौदा, जावरा, रतलाम, पिपलौदा, सैलाना, नामली, बदनावर, उज्जैन, इंदौर, शुजालपुर, सागर (देवरीकला)  आदि मंडियों में कृषक उत्पादक स्टॉकिस्टों की खरीदी से लहसुन में 500 से 1000 रुपए तक की तेजी आ गई है। लहसुन क्वालिटी अनुसार 2500 से 5000 रुपए तक जनरल भाव और ऊपर में सुपर माल क्वालिटी अनुसार 6000 रुपए के आसपास बिक्री हो गए। कहां-कहां पर एक-दो लॉट ऊपर में भी बिक्री होने की चर्चा है। वहीं ऊटी लहसुन कुछ मंडी में 9000 रुपए के आसपास बिक्री होने की चर्चा है। वहीं राजस्थान की लहसुन उत्पादन क्षेत्र की मंडियां कोटा सब्जी मंडी और भामाशाह मंडी, बारां, छिपाबड़ौद, प्रतापगढ़, छोटी सादड़ी, निम्बाहेड़ा आदि मंडियों में नए लहसुन की आवक धीरे-धीरे बढ़ना प्रारंभ हो गई है और माल भी गिला व सूखा दोनों तरह का आ रहा है जो क्वालिटी अनुसार 1500 से 5000 रुपए प्रति क्विंटल तक बिक्री होने की चर्चा है। कुछ मंडियों में क्वालिटी अनुसार ऊंचे भावों पर भी बिक्री होने की चर्चा है। अब एक माह तक राजस्थान का माल जोरों से बिक्री हेतु वहां के मार्केटों में आने की चर्चा रहेगी। राजस्थान का माल मध्यप्रदेश के नीमच, पिपलियामंडी और मंदसौर मंडी में भी आकर बिक्री होने की चर्चा रहती है। वहीं इस वर्ष नवरात्रि के समापन पर गोठड़ा माताजी (रतलाम जिला) में जो भविष्यवाणी के मुताबिक इस वर्ष वर्षा अच्छी होगी और लहसुन के भाव भी अच्छे मिलने की चर्चा है लेकिन समय से पूर्व लम्बी तेजी आने के कारण देश के बिक्री सेंटरों पर एकदम तेजी की वजह से वहां पर ग्राहकी पर असर गिरने से लम्बी तेजी पर ब्रेक जैसा लग रहा है। वैसे इस वर्ष दिपावली पूर्व लहसुन में एक बार अच्छे मालों में अच्छी तेजी बनने की संभावनाएं जरूर बनेंगी। अगर वर्षा जल्दी हो गई तो दिपावली बाद नई लहसुन जल्दी आने की सम्भावनाओं के कारण अंत में लम्बी तेजी पर ब्रेक लग सकता है ऐसी संभावना है। देश के कुछ व्यापारियों का मनोबल भी लहसुन में तेजी की संभावना को देखते हुए कुछ व्यापारियों ने हजारों बोरियों का स्टॉक भी कर लिया है और वह लम्बी तेजी आने पर माल बिक्री भी कर सकते हैं ऐसी संभावना है। वहीं देश की बिक्री मंडियों मुंबंई, दिल्ली, पुना, नागपुर, अकोला, बैंगलोर, हुबली, चैन्नई, वडुगापट्टी, कोयम्बटूर, मदुराई, कोलकाता, गोहाटी, बनारस, कानपुर, अहमदाबाद, सुरत, बिलासपुर, रायपुर, कटक, भुवनेश्वर, रांची, टाटा जमशेदपुर, अमृतसर, लुधियाना, जालांधंर, सोनीपत, पानीपत, करनाल, जयपुर, जोधपुर, बिकानेर, सहारनपुर, गया, पटना, समस्तीपुर, गोरखपुर, मैसूर, निजामाबाद, खम्मम, ताड़ेपल्लीगुड्म, वरंगल, रायगढ़, खड्गपुर, हुगली (बंगाल), सिलीगुड्डी, सेलम आदि में उत्पादन क्षेत्रों की मंडियों में आई तेजी के कारण बिक्री सेंटर पर भी लहसुन के भाव में सुधार होने की चर्चा है। खर्चे-पड़ते एवं ट्रक भाड़े अनुसार व क्वालिटी अनुसार 3000 से 7000 रुपए तक पैकिंग अनुसार व्यापार होने की चर्चा है और ऊटी लहसुन क्वालिटी अनुसार और पैकिंग अनुसार ऊपर में 9000 से 10000 रुपए तक बिक्री होने की चर्चा है। एक्सपोर्ट भी थोड़ा-थोड़ा मलेशिया आदि कुछ देशों में चल रहा है। एक जानकारी मुताबिक गुजरात के गोंडल मार्केट यार्ड में लहसुन की आवक अच्छी रही और भाव 2500 से 6300 रुपए प्रति क्विंटल तक रहने की चर्चा है। वैसे देशभर में तेजी का वातावरण रहा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *