हाई अलर्ट पर गुजरात, भारी बारिश की चेतावनी

अहमदाबाद। मौसम विभाग ने बताया कि चक्रवात ‘वायु’ ने अपना रास्ता बदल लिया है और अब इसके गुजरात तट से टकराने की संभावना नहीं है, लेकिन इसके प्रभाव के चलते राज्य के कई तटीय जिलों में भारी बारिश होगी। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव एम राजीवन ने कहा, ‘वायु’ तट से टकराने की संभावना नहीं है। यह केवल तट के किनारे से गुजरेगा। इसके मार्ग में हल्का बदलाव आया है। लेकिन, इसका प्रभाव वहां होगा, तेज हवाएं चलेंगी और भारी बारिश होगी।

भारतीय मौसम विभाग के अनुसार चक्रवाती तूफान वायु के उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है। इसके अलावा वह सौराष्ट्र तट पर अमरेली, गिर सोमनाथ, दीव, जूनागढ़, पोरबंदर, राजकोट, जामनगर, देवभूमि द्वारका और कच्छ के जिलों को प्रभावित करेगा। यहां 13 जून को 155-165 किलोमीटर से 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। गुजरात के गिर सोमनाथ जिले में स्थित सोमनाथ मंदिर के प्रवेश द्वार की छत तेज हवाओं के कारण क्षतिग्रस्त हो गई है। चक्रवाती तूफान के कारण पश्चिमी रेलवे ने कई ट्रेनों को रद्द और कईयों के रास्ते बदल दिए हैं। तूफान की वजह से 110 ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। इसके अलावा संभावित नुकसान और यात्रियों को होने वाली परेशानियों को देखते हुए पांच हवाई अड्डों पर विमानों का संचालन बुधवार रात से गुरुवार आधी रात तक के लिए हवाई अड्डों से विमानों का संचालन बंद कर दिया गया है। रेलवे ने चक्रवात ‘वायु’ के चलते 77 ट्रेनों को रद्द कर दिया है। इसके अलावा 33 अन्य ट्रेनें आंशिक रूप से रोक दी गई हैं। हालांकि, चक्रवात ने अपना रास्ता बदल लिया है और अब गुजरात तट से इसके टकराने की संभावना नहीं है, लेकिन फिर भी एहतियात के तौर पर ये ट्रेनें रद्द की गई हैं। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय का कहना है कि पूर्वोत्तर और आसपास के पूर्वी अरब सागर के ऊपर बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान वायु का खतरा है। उसने गुजरात के तटीय इलाकों के लिए ऑरेंज मैसेज जारी किया है। ऑरेंज मैसेज उस श्रेणी की मौसम स्थिति के लिए जारी किया जाता है जो प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालने की क्षमता रखता है। इसका मतलब होता है कि प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को आने वाली परिस्थितियों के लिए तैयार रहना चाहिए।

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