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मौसम परिवर्तन शीतप्रकोप के मददेनजर अधिकारियों ओर कृषि वैज्ञानिकों ने किया फसलों का अवलोकन

नीमच | नीमच जिले में मौसम परिवर्तन शीतप्रकोप के मददेनजर उप संचालक कृषि श्री एस एस चौहान, कृषि वैज्ञानिक डॉ.सीपी पचोरी एंव डॉ.श्‍यामसिंह सांरगदेवोत ने विकासखण्‍ड नीमच एंव मनासा का भ्रमण कर मनासा के ग्राम दुधलाई, रामपुरा, मजिरिया बेसला में गेहूं, चना, सरसौं आदि फसलों को देखा। वर्तमान में गेहू, चना, सरसौ में अवलोकन के दौरान शीत प्रकोप से नुकसान नही पाया गया है। मौसम विभाग से प्राप्त सूचनानुसार निकट भविष्‍य में पाला पडने की संभावना संभावना हो सकती है। कृषि विभाग द्वारा किसानभाईयों से अनुरोध किया गया है, कि पाले से बचाव के लिए सिंचाई (विशेषकर स्प्रिंकलर विधि) से करें। यदि पूरी फसल में सिंचाई करने के लिए पानी की कमी हो,तो सिंचाई नालियों में और खेत के चारों ओर जगह-जगह पानी भर दें। खेत में जगह-जगह रोडी, कचरा, भूसा, टायर आदि जलाकर धुंआ करें। नगदी फसलों में यथांसभव उत्‍तर दिशा एवं पश्चिम दिशा में चिण्‍ड ब्रेक (वायु रोधीनेट, जला, कडवी आदि) लगाएं। फसलों पर अत्याधिक पाले की स्थिति दिखे, तो व्‍यावसायिक गंधक(सल्‍फयूरिक अम्‍ल) एक मिली प्रति लीटर पानी के मान से घोल बनाकर छिडकाव करें। उक्‍त छिडकाव करते समय ध्‍यान रखें, कि फसल पर फूल अवस्‍था नही होनी चाहिए। अधिक जानकारी के लिए कृषि वैज्ञानिक एंव कृषि, उदयानिकी, आत्‍मा के अधिकारियों से सम्‍पर्क करें।

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