Uncategorized

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं का हुआ सम्मान, जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में महिलाओं ने पेश की है सफलता की मिसाल – श्रीमती सूरज डामोर

रतलाम 08 मार्च 2021/ जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में महिलाओं ने अपनी सफलता की मिसाल पेश की है। आज महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। सफलता के लिए अच्छे पालन पोषण के साथ-साथ शिक्षा सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। अपनी बेटियों को शिक्षित अनिवार्य रूप से कीजिए। यह उद्गार पूर्व आईएएस श्रीमती सूरज डामोर ने व्यक्त किए। वे रतलाम में गायत्री मल्टीप्लेक्स में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में बोल रही थी। इस अवसर पर जिला पंचायत प्रधान श्री परमेश मईडा, पूर्व विधायक श्रीमती संगीता चारेल, कलेक्टर श्री गोपालचंद्र डाड, पुलिस अधीक्षक श्री गौरव तिवारी, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती मीनाक्षी सिंह, अपर कलेक्टर श्रीमती जमुना भिड़े, श्रीमती सीमा टांक, श्रीमती रुकमणी, महिला बाल विकास विभाग के सहायक संचालक श्री रविंद्र मिश्रा, विभागीय महिला अधिकारी, कर्मचारी, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं उपस्थित थी। इस दौरान जिले में उत्कृष्ट, साहसिक तथा कोरोना कॉल में बेहतर सेवा कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया।

श्रीमती सूरज डामोर ने उपस्थित महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसा कोई कार्य नहीं है जो महिलाएं नहीं कर सकती हो, बस आत्मविश्वास बनाए रखें। श्रीमती डामोर ने कहा कि आज के दौर में महिलाओं की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आया है। उन्होंने बताया की कस्तूरबा सेवा संस्थान के साथ कार्य करते हुए उनके द्वारा 100 लड़कियों की शिक्षा का संकल्प लिया गया है जिसका संपूर्ण खर्च वहन किया जाएगा। इसके लिए कोई भी उनसे अथवा सांसद श्री गुमानसिंह डामोर से संपर्क कर सकता है।
श्रीमती संगीता चारेल ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाएं अपने जीवन का लक्ष्य निर्धारित करें। उसकी प्राप्ति के लिए सतत मेहनत आत्मविश्वास के साथ करती रहे, मंजिल अवश्य मिलेगी। उन्होंने कहा कि माताएं अपनी बेटियों के जीवन की अच्छी दिशा निर्धारित करने के लिए उनको सतत मार्गदर्शन जरूर देती रहें। जिला पंचायत प्रधान श्री परमेश मईडा ने कहा कि आज के दौर में महिलाओं ने हर क्षेत्र में तरक्की की है और सफलता की मिसाल कायम की है।
कलेक्टर श्री गोपालचंद्र डाड ने अपने संबोधन में कहा कि आज जीवन के हर क्षेत्र में महिलाएं अपनी मेहनत से आगे आ रही हैं। आज की नारी सशक्त नारी है, प्रतियोगी परीक्षाओं में लड़कियों ने सफलता के झंडे गाड़े हैं परंतु ग्रामीण क्षेत्र में महिलाओं के उत्थान के लिए अभी भी बहुत कुछ किया जाना बाकी है। पुलिस अधीक्षक श्री गौरव तिवारी ने अपने उद्बोधन में बेटियों की महत्ता को प्रतिपादित करते हुए कहा कि एक बेटी अपने पिता के स्वभाव में सकारात्मक परिवर्तन लाती है। एक कठोर पिता के ह्रदय में भी मानवीय संवेदना उत्पन्न करने का माध्यम बनती है, साथ ही वह घर की रौनक भी होती है। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि माता बच्चे की पहली शिक्षक होती है।
कार्यक्रम में सीईओ जिला पंचायत श्रीमती मीनाक्षीसिंह, अपर कलेक्टर श्रीमती जमुना भिड़े, जिला विधिक सहायता अधिकारी श्रीमती पूनम तिवारी ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में डिप्टी कलेक्टर सुश्री शिराली जैन, सुश्री कृतिका भीमावद, सुश्री मनीषा वास्कले तथा श्रीमती जायसवाल भी उपस्थित थी। कार्यक्रम का संचालन श्री आशीष दशोत्तर ने किया। इस अवसर पर बेटी देश का गौरव पत्रिका का विमोचन भी अतिथियों द्वारा किया गया।
हुनर हाट का आयोजन हुआ
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर रतलाम में गायत्री मल्टीप्लेक्स में महिलाओं के लिए हुनर हाट का आयोजन किया गया। हाट में जिले के स्वयं सहायता समूह द्वारा उत्पादित सामग्री का प्रदर्शन सह विक्रय किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्रीमती सूरज डामोर द्वारा फीता काटकर हुनर हाट का शुभारंभ किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *