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खुशियों की दास्ताँ -ऋण राशि का लाभ मिला, अब श्री साईं समूह की महिलाएं स्वरोजगार कार्य आरंभ कर सकेंगी

रतलाम । कोई भी स्वरोजगार स्थापित करने के लिए प्रारंभ में पूंजी की आवश्यकता होती है। गरीब कमजोर वर्ग के व्यक्ति के लिए पूंजी जुटाना सबसे मुश्किल काम होता है। इस बात को समझते हुए शासन द्वारा निर्धन वर्ग के लोगों के लिए विभिन्न योजनाओं में ऋण सहायता तथा अन्य राशि उपलब्ध कराई जा रही है। मिशन नगर उदय के तहत 12 मार्च को रतलाम में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में स्वयं सहायता समूह को राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत ऋण राशि उपलब्ध कराई गई है। रतलाम शहर के डोंगरे नगर की रहवासी महिलाओं द्वारा गठित श्री साईं स्वयं सहायता समूहों को भी 4 लाख 8 हजार रूपए ऋण राशि का चेक प्रदान किया गया। अतिथियों के हाथों चेक लेते हुए समूह की महिलाएं अत्यंत प्रसन्न थी।
समूह के अध्यक्ष सुनीता ने बताया कि अब उनके समूह की महिलाएं अपने आर्थिक स्तर को ऊंचा उठाने और अपने जीवन में बदलाव लाने के लिए स्वरोजगार कार्य कर सकेंगी। हम लोगों के पास स्वरोजगार के लिए पूंजी नहीं थी लेकिन अब शासन ने हमें ऋण सहायता उपलब्ध करा दी है, हम शासन के आभारी हैं। सुनीता के साथ ही समूह की अन्य सदस्यों पुष्पा राव, निर्मला राव, मंजू, शारदा, पुष्पा खानवार का कहना था कि अब हम सिलाई कार्य कर सकेंगे, सूरत से साड़ी लाकर रतलाम में विक्रय कर सकेंगे तथा अन्य रोजगारमूलक कार्य कर सकेंगे।
रतलाम में आयोजित कार्यक्रम में रतलाम शहर के हंसा स्वयं सहायता समूह को 2 लाख 35 हजार रूपए, योजना स्वयं सहायता समूह को 1 लाख 10 हजार रुपए के ऋण स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए। श्री साईं स्वयं सहायता समूह को 4 लाख 8 हजार तथा नाकोड़ा बचत साख समिति को 2 लाख 50 हजार रूपए के चेक वितरित किए गए।

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