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गुणावद में मलेनी नदी पर संग्रहित जल घरेलू प्रयोजन के अतिरिक्त किसी प्रयोजन के उपयोग हेतु निषिद्ध किया गया

रतलाम । रतलाम कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री गोपालचंद्र डाड ने पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 एवं संशोधित 2002 की धारा 3 में उपलब्ध प्रावधानों के अनुसरण में जनसाधारण को घरेलू प्रयोजन के लिए जल उपलब्ध कराए जाने हेतु ग्राम गुणावद स्थित मलेनी नदी पर निर्मित एनीकट क्रमांक 1 एवं 2 में संग्रहित जल को संरक्षित घोषित किया है एवं जल संग्रहण क्षेत्र से जल को घरेलू प्रयोजन को छोड़कर अन्य किसी प्रयोजन के उपयोग हेतु निषिद्ध किया है।
इस संबंध में जारी आदेश में कहा गया है कि जिले के रतलाम विकासखंड के लाल पानी से प्रभावित ग्रामों की पेयजल व्यवस्था के स्थाई समाधान हेतु लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा ग्राम गुनावत में मलेनी नदी पर निर्मित एनीकट 1 एवं 2 जल स्त्रोत पर आधारित 14 ग्रामों की समूह पेयजल योजना का क्रियान्वयन प्रगति रथ होकर पूर्णता की ओर है। आगामी ग्रीष्मऋतु में योजना के माध्यम से प्रभावित ग्रामों में पेयजल प्रदाय किया जाना है। इस हेतु संग्रहित जल का वर्षाकाल तक 14 ग्रामों में पेयजल प्रदाय व्यवस्था हेतु सुरक्षित रखा जाना आवश्यक है।
उल्लेखित निकट 1 एवं 2 की कुल जल भंडारण क्षमता 2.18 एमसीएम है। वाष्पीकरण से लगभग 30 प्रतिशत एवं अन्य कारणों से 10 प्रतिशत, इस प्रकार कुल 40 प्रतिशत जल जो कि 0.87 एमसीएम होता है की हानि के उपरांत पेयजल हेतु उपलब्ध जल की मात्रा 1.31 रहेगी। योजना के अंतर्गत वर्ष भर समूह पेयजल योजना से जल प्रदाय हेतु कुल 1.043 एमसीएम जल की आवश्यकता होगी। वर्तमान में दोनों एनीकट में मात्र 0.08 एमसीएम जल भंडारित है।

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