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शहर की जर्जर और बद्हाल सड़कों के उद्धार के लिए मुख्यमंत्री 20 करोड़ रुपये स्वीकृत करें-श्री चौटाला

रतलाम। कोरोना संक्रमण काल में श्वास, दमा, खांसी जैसे रोग घातक बताए गए है तथा नागरिकों से कहा गया है कि लोग धुल-प्रदूषण और वायू प्रदूषण से बचे, लेकिन शहर की जर्जर और घटिया सड़कों के कारण लोगों में तेजी से श्वास और खासी की शिकायतें बड़ रही है। शहरभर में गड्डे लोगों को दुर्घटना का भी शिकार बना रहे हैं । यह आरोप भारतीय जनता पार्टी के नेता अशोक चौटाला ने लगाते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है, जिसमें मांग की गई है कि नगर निगम की कार्यप्रणाली को सुधारा जाए,ऐसी कार्यप्रणाली से सरकार की बदनामी हो रही है। शहरभर में शायद ही कोई ऐसी सड़क होगी जो गड्डेनूमा नहीं होगी और सीवर लाईन बिछाने के बाद उसकी मरम्मत की गई हो। कई सड़कें पगड्ंडी बन गई है और प्रमुख चौराहा, बाजार सहित गलियों में लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है।
श्री चौटाला ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि शहर की सड़कों की मरम्मत के लिए तत्काल कार्ययोजना बनाने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए जाए, साथ ही सड़कों के निर्माण के लिए 20 करोड़ की राशि उपलब्ध करवाई जाए ताकि सड़क निर्माण से लोगों को राहत मिल सके।
वर्तमान में जिला कलेक्टर निगम के प्रशासक है। उन्हें भी चाहिए कि वह सरकार के पास सड़क निर्माण के लिए प्रस्ताव भिजवाए ताकि शासन से धनराशि उपलब्ध हो सके, क्योंकि वे प्रशासक है और उनकी जिम्मेदारी बनती है कि जन स्वास्थ्य की दृष्टि से सड़कों का निर्माण तत्काल हो। सारे शहर की सड़कें जिस स्थिति में है उससे धुल-प्रदूषण और वायू-प्रदूषण फैल रहा है। धुल के गुब्बारे लोगों के स्वास्थ्य के लिए घातक है और कोरोना संक्रमण भी इसकी वजह से भी तेजी से फैल रहा है, क्योंकि धुल के कारण लोगों को श्वास लेने में दिक्कत होती है और इस कारण भी लोग बीमार हो रहे है। श्री चौटाला ने मुख्यमंत्री से यह भी मांग की कि नगर निगम की कार्यशैली में सुधार किया जाए और शीघ्र ही जब तक नए निर्वाचन नहीं होते है तब तक निगम सलाहकार समिति बनाई जाए जिसमें नगर के वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों को शामिल किया जाए ताकि उनकी सलाह से शहर में नागरिकों की मूलभूत सुविधाओं पर गंभीरता से ध्यान दिया जा सके।

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